Tu Hi Meri Shab Hai [Remix]

by K.K.




ओ ओ ओ ओ ओ

तू ही मेरी शब् है
सुभा है तू ही दिन है मेरा
तू ही मेरा रब है
जहां है तू ही मेरी दुनिया
तू वक़्त मेरे लिए
मैं हूँ तेरा लम्हा
कैसे रहेगा भला
होके तू मुझसे जुदा
ओ ओ ओ ओ हो हो
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तू ही मेरी शब् है
सुभा है तू ही दिन है मेरा
तू ही मेरा रब है
जहां है तू ही मेरी दुनिया
ओ ओ ओ ओ ओ ओ

आँखों से पढ़के तुझे
दिल पे मैंने लिखा
तू बन गया है मेरे
जीने की एक वजह
तेरी हसि तेरी अदा
औरों से है बिलकुल जुदा
ओ ओ ओ ओ हो हो
ओ ओ ओ ओ ओ ओ

आँखें तेरी शबनमी
चेहरा तेरा आइना
तू है उदासी भरी
कोई हसीं दास्तान
दिल में है क्या
कुछ तोह बता
क्यों है भला खुद से खफा
ओ ओ ओ ओ हो हो
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तू ही मेरी शब् है
सुभा है तू ही दिन है मेरा
तू ही मेरा रब है
जहां है तू ही मेरी दुनिया
तू वक़्त मेरे लिए
मैं हूँ तेरा लम्हा
कैसे रहेगा भला
होके तू मुझसे जुदा
ओ ओ ओ ओ हो हो (तू ही मेरी दुनिया)
ओ ओ ओ ओ ओ ओ(तू ही मेरी दुनिया)
ओ ओ ओ ओ हो हो
ओ ओ ओ ओ ओ ओ

Written by: PRITAM, QUADRI SAYEED

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